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व्यक्तित्व (Personality - पर्सनैलिटी)

  व्यक्तित्व (Personality - पर्सनैलिटी) दुनिया में समस्त व्यक्ति अपने आप में विशेष तथा एक दूसरे से अलग होते हैं। कोई भी दो व्यक्ति पूर्ण रूप से एक समान नहीं हो सकते हैं।  किसी व्यक्ति में वे समस्त गुणों जो उसे दूसरे व्यक्ति से अलग करते हों, वे समस्त गुण सामूहिक रूप से उस व्यक्ति का व्यक्तित्व (Personality) कहलाते हैं।  सामान्यतः व्यक्तित्व का तात्पर्य व्यक्ति की वाह्य रंग रूप से लिया जाता है परंतु मनोविज्ञान के अनुसार व्यक्ति का व्यक्तित्व उसके समस्त वाह्य एवं आंतरिक गुणों का समुच्चय है। देश, समय, काल व परिस्थितियों के अनुसार व्यक्ति के व्यक्तित्व में परिवर्तन हो सकता है।  व्यक्तित्व (Personality) शब्द लैटिन भाषा के शब्द Persona से बना है जिसका अर्थ मुखौटा होता है। पुराने समय में थिएटर में काम करने वाले कलाकार अपनी पहचान को गुप्त रखने के लिए मुखोटे पहनते थे। मुखोटे से व्यक्ति की वास्तविक पहचान छुप जाती है और दर्शक उसे मुखौटे में दिख रहे व्यक्ति के अनुसार पहचानते हैं। कलाकार मुखोटे में दिख रहे चेहरे के अनुसार अभिनय करता है। कार्ल जुंग के अनुसार Persona आदमी का बाहरी आ...

Massage मालिश (मसाज)

  Massage  मालिश (मसाज) मसाज की परिभाषा मसाज का वर्गीकरण मसाज के तरीके  शरीर की मांसपेशियों एवं अन्य कोमल एवं कठोर ऊतकों की कमजोरी एवं थकान के उपचार हेतु मालिश करना एक प्रचलित तरीका है।  मालिश अथवा मसाज (massage) शरीर के अंगों को मलने, मसलने, सहलाने अथवा उनमें घर्षण करने की एक वैज्ञानिक कला एवं हस्त कौशल विधि है जिससे अंग की मांस पेशियों, लिगामेंट, टेंडन, संयोजी उत्तक, आंतों का रक्त संचार बढ़ जाता है जिससे अंग अधिक सक्रिय हो जाते हैं तथा उन्हें आराम मिलता है। मालिश (Massage) करना कायिक चिकित्सा (Physiotherapy) का मूल है  विश्व की लगभग सभी सभ्यताओं में मालिश करने के संदर्भ मिलते हैं । प्राचीन काल से ही अनेक प्रकार के जोड़ों के दर्द एवं कई असाध्य रोग जैसे लकवा, स्नायविक रोग, सिर दर्द आदि के उपचार में मालिश के द्वारा इलाज की अनुशंसा की जाती रही है।  आधुनिक चिकित्सा में मालिश करने के बहुत से उपकरणों का विकास हो चुका है परंतु हाथों के द्वारा की जाने वाली मालिश सर्वोत्तम मानी जाती है। मालिश अर्थात मसाज (massage) शब्द की उत्पत्ति संभवत अरेबिक शब्द Massa से हुई है...

Learning Theories

  Theories of Learning ट्रायल एन्ड एरर थ्योरी कंडीशनल रिफ्लेक्स थ्योरी इनसाइट थ्योरी अनुकरण करके सीखना ट्रांसफर आफ ट्रेनिंग का अर्थ मनोविज्ञान में सीखने के मुख्य सिद्धांत (Theories of Learning) निम्नलिखित हैं मनोविज्ञान में सीखने के मुख्य सिद्धांत और उनके प्रतिपादक 1- प्रयास एवं गलती का सिद्धांत (ट्रायल एन्ड एरर थ्योरी Trial and Error Theory)  -  थार्नडाइक (Thorndike) 2- कंडीशनल रिफ्लेक्स थ्योरी (Condition Reflex Theory) -पावलोव (Pavlov) 3- इनसाइट थ्योरी (Theories of Insight) -गेस्टाल्ट (Gastalt) 4- अनुकरण करके सीखना (Learning by Imitation)  हैगार्ट (Hagart) प्रयास और गलती का सिद्धांत  (ट्रायल एन्ड एरर थ्योरी)  (Trial and Error Theory)   इस सिद्धांत का प्रतिपादन थार्नडाइक (Thorndike) ने 1898 में किया था।  किसी नए कार्य को हम तुरंत नहीं सीख पाते, सीखने की प्रक्रिया के दौरान हमें कई प्रयास करने पड़ते हैं जिसमें हम कई बार असफल भी होते हैं परंतु बार-बार प्रयास करने पर अंततः हम उस कार्य के को सही तरीके से करने की विधि सीख जाते हैं। इस सिद्धांत...

लर्निंग कर्व (Learning Curve)

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सीखना  (अधिगम - Learning) सीखने का अर्थ एवं उसकी प्रकृति सीखने के नियम सीखने को प्रभावित करने वाले कारक लर्निंग कर्व सीखने के प्रकार सीखने के सिद्धांत (Theories of Learning) ट्रायल एन्ड एरर  थ्योरी कंडीशनल रिफ्लेक्स  थ्योरी इनसाइट थ्योरी अनुकरण करके सीखना ट्रांसफर आफ ट्रेनिंग का अर्थ सीखना व्यक्ति की जन्मजात प्रवृत्ति है  जो कि जीवन पर्यंत चलती है जिसमें व्यक्ति प्रतिदिन कुछ ना कुछ नया देखता एवं उससे सीखता है। सीखने को अधिगम (Learning) भी कहा जाता है। सामान्य अर्थों में सीखना (Learning) व्यक्ति द्वारा नये तत्व, ज्ञान, व्यवहार, कौशल को जानना व समझना तथा नये अनुभवों के द्वारा व्यक्ति के व्यवहार में परिवर्तन होने (लाने) की प्रक्रिया है।  कुछ चीजों के बारे में जानना व सीखना बहुत जल्दी एक ही बार में हो जाता है जैसे छोटे बच्चे द्वारा जलती मोमबत्ती की लौ को पकड़ने का प्रयास करना परंतु उसका हाथ जलते ही वह हमेशा के लिए जान जाता है कि इस कार्य से खतरा है अतः इसे वह फिर हाथ से कभी नहीं पकड़ता है। हाथ जलने के अनुभव से बच्चे के स्वाभाविक व्यवहार में परिवर्तन हो जाता है। अतः ...